केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार पुनर्वास नीति-2011 में बदलाव की योजना बना रही है लेकिन नीति के सही तथ्यों का अध्ययन नहीं कर रही है। पुनर्वास के लिए पात्र गांवों का चयन कर शासन स्तर पर कार्रवाई में तेजी जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा प्रभावित गांव भुगत रहे हैं। उन्होंने केदारघाटी के आपदा प्रभावित सेमी व नागजई के पुनर्वास को लेकर कैबिनेट बैठक में चर्चा की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि सेमी व नागजई गांव में भूधंसाव से आवासीय मकान, गोशाला दरारों से पटी हुई हैं। सरकार को पुनर्वास नीति में ऐसे गांवों व परिवारों को शामिल करना चाहिए जो वास्तविक रूप से पात्र हैं।