जवाड़ी बाईपास पर वन विभाग कार्यालय के समीप टूटे पुश्ते का एक वर्ष बाद भी पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। यहां पर सड़क की स्थिति काफी खराब है।
तीन किमी लंबेे बाईपास के दोनों छोर भी संवेदनशील हैं, लेकिन वन विभाग कार्यालय के ठीक नीचे सड़क की हालत सबसे दयनीय बनी हुई है। यहां पर लगभग पचास मीटर लंबा पुश्ता एक वर्ष पहले ध्वस्त हो चुका था, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि जनपद चमोली व केदारघाटी क्षेत्र से श्रीनगर के लिए जाने वाले वाहन इसी बाईपास से गुजरते हैं। बावजूद एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा अभी तक टूटे पुश्ते की सुध नहीं ली गई है। वहीं, बाईपास भूधंसाव जोन में भी है। इस पूरे क्षेत्र का कैंपा योजना में जापान की तकनीक से ट्रीटमेंट होना था। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बाईपास पर प्रभावित हिस्से पर आरसीसी पुश्ता निर्माण होना है। इसके लिए भू-वैज्ञानिकों के सर्वेक्षण के बाद कार्य किया जाना है। साथ ही अन्य स्थानों पर जहां भी पुश्ता धंसाव व भूधंसाव की समस्या है, उसे योजनाबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाएगा, जिससे हाईवे पर दिक्कत न हो। संवाद