श्रीकाशी विश्वनाथ ग्यारह गांव रामलीला समिति के सहयोग से लोक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मौके पर साहित्यिक संस्था कलश के कवियों ने उत्तराखंड की लोक परंपराओं, पलायन, बेरोजगारी, राजनीति सहित अन्य विषयों पर एक से बढ़कर एक कविताओं का पाठ कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कलश के संस्थापक ओम प्रकाश सेमवाल ने भगवान विश्वनाथ व बाबा केदार की आराधना करते हुए क्षेत्र व उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, लोक कवि जगदंबा चमोला ने अपणौ पर बिस्वास नि रै अ अपड्वै खाणौ औणू च, पण्डौं मा धर्मराज जू छौ सु अपडै़ भयों ठगाणू च... कविता के जरिए समाज के वर्तमान हालातों को बयां किया। कवि सम्मेलन में तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित लोक कवि उपासना सेमवाल ने कई कविताएं सुनाई। रंगकर्मी सुरेंद्र दत्त नौटियाल ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इस मौके पर पूर्व विधायक शैलारानी रावत, वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, एमएस रावत, विपिन सेमवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।