रुद्रप्रयाग। वन विभाग के प्रभागीय कार्यालय परिसर में मांगों को लेेकर वन बीट अधिकारियों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 को पुन: लागू करने सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलनरत रहने की चेतावनी दी है। वन बीट अधिकारियों की हड़ताल के चलते फायर सीजन के पहले चरण में वनाग्नि के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। साथ ही वनों को आग से बचाने के लिए विभागीय प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। रविवार को डीएफओ कार्यालय परिसर में हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने बीते तीन वित्तीय वर्षों में दस वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके वन आरक्षियों को पदोन्नति देने, वन आरक्षियों की वर्दी नियमों में संशोधन करने, एक माह का अतिरिक्त वेतन व आहार भत्ता देने, वन आरक्षी चौकियों के मकान भत्ता में कटौती नहीं करने की मांग की है। धरना देने वालों में वन बीट अधिकारी आशुतोष पुरोहित, प्रियांशु भंडारी, विद्या रावत, हीरा राणा, गौरव पुरोहित, अजय सेमववाल, प्रियांशु भंडारी, अजय सेमवाल, कुलजीत सिंह आदि मौजूद थे। संवाद