केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव तिलवाड़ा में नगर पंचायत गठन के लगभग चार वर्ष बाद भी लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। अब लोगों ने समस्या के निस्तारण के लिए पेयजल संघर्ष समिति का गठन किया है। रविवार को समिति की बैठक हुई। इसमें पेयजल की समस्या के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया।
नगर पंचायत के वार्ड तीन पीनामठ में लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। साथ ही अन्य वार्डों में भी स्थिति ठीक नहीं है। अब पानी की समस्या के निस्तारण के लिए वार्डवासियों ने पेयजल संघर्ष समिति का गठन करते हुए आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया। इसमें दौलतराम भट्ट को अध्यक्ष और कुलवीर रावत को संरक्षक चुना गया है। रविवार को समिति की पहली बैठक में निर्णय लिया गया कि चार सितंबर को एक शिष्टमंडल जलसंस्थान के अधिकारियों से भेंट कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएगा। उन्होंने नगर पंचायत पर समस्या के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। कहा कि वार्ड सभासद को बैठक में आमंत्रित किया गया था लेकिन वह शामिल नहीं हुए। पूर्व में नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी पद ग्रहण करने के बाद पेयजल संकट से निजात के लिए अपनी पहली प्राथमिकता बताया था। लेकिन लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। समिति के उपाध्यक्ष शशि प्रसाद सेमवाल व कोषाध्यक्ष जीतपाल नेगी ने बताया कि तिलवाड़ा में पेयजल प्रबंधन के लिए परियोजना स्वीकृत है। जल निगम व जलसंस्थान के अधिकारियों की ओर से परियोजना निर्माण के लिए जल्द निविदा आमंत्रित करने की बात भी कही गई लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में लोग पानी के लिए परेशान हैं। पीना मठ के लोग बरसाती पानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। बैठक में विक्रम भंडारी, कमल सिंह दुमागा और गोपाल नेगी समेत वार्ड के लोग मौजूद थे। इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष संजू जगवाण ने बताया कि पेयजल संकट के निवारण के लिए जलनिगम व जलसंस्थान को पत्र भेजा गया है।