मनरेगा कर्मचारियों की आठ सूत्री मांगों को लेकर जारी हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। मांगपूर्ति तक कर्मियों ने आंदोलनरत रहने का निर्णय लेते हुए शासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। हड़ताल के चलते जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन समेत अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ में खंड ब्लॉक कार्यालयों में मनरेगा से जुड़े सभी कार्य ठप पड़े हैं। आंदोलनरत कर्मियों ने मांगों के समर्थन में धरना देते हुए नारेबाजी भी की। कहना था कि शासन, प्रशासन व अधिकारियों को अवगत कराने पर भी उनकी सुध नहीं ली जा रही है। कई जिलों में कर्मियों को हटाया भी गया है। साथ ही कई जिलों में प्रत्येक माह दो दिन का मानदेय काटा जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। धरना देने वालों में मनरेगा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार, मनोज सुमरियाल, सुधीर कुमार, आशुतोष थपलियाल, हर्षवर्धन सिंह नेगी, नीरज सिंह नेगी, दिनेश रावत, हरीश सेमवाल, सुभाषिनी तिवारी आदि कर्मचारी शामिल थे। संवाद