तृतीय केदार तुंगनाथ में 18 वर्ष बाद तीसज्यूला (चंद्रशिला पट्टी) के 85 गूठ गांवों के सहयोग से तीन दिवसीय महायज्ञ पूजा-अर्चना के साथ शुरू हो गया है। आज अनुष्ठान में भव्य जल कलश यात्रा निकाली जाएगी।
सावन के तीसरे सोमवार को तुंगनाथ मंदिर में पंच पुरोहितों ने कुंड खातिक के साथ ही पंचांग पूजन व अन्य धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ महायज्ञ शुरू किया। प्रभुदत्त किमोठी व आचार्य चंद्रप्रकाश मैठाणी की देखरेख में यज्ञकुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।
देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि तुंगनाथ घाटी के गूठ गांवों के द्वारा तृतीय केदार तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में बीते 22 अप्रैल से 2 मई तक महायज्ञ आयोजित किया गया था। इस मौके पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष गोपाल रमोला, उपाध्यक्ष तेजराम भट्ट, सचिव त्रिलोक सिंह, कोषाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, आचार्य लंबोदर प्रसाद मैठाणी, पंच पुरोहित रेवाधर मैठाणी, सुरेंद्र प्रसाद मैठाणी, मुकेश मैठाणी आदि मौजूद थे।