द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम का बुग्याली मैदान पिछले कई वर्षों से भूस्खलन की चपेट में है। यहां बारिश होते ही मिट्टी का कटाव होने से बरसाती पानी के साथ मलबा मंदिर परिसर में घुस रहा है। रविवार रात्रि को मूसलाधार बारिश से यहां हुए भारी भूस्खलन के चलते मंदिर परिसर में तीन फीट तक मलबा व पानी भर गया था। ग्राम पंचायत गौंडार के ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार का कहना है कि रांसी से मद्महेश्वर तक 17 किमी पैदल रास्ते के साथ ही धाम का दो किमी बुग्याली क्षेत्र आपदा की दृष्टि से काफी संवदेनशील बना हुआ है। प्रशासन व मंदिर समिति को इस बारे में अवगत भी कराया जा चुका है। बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो रहे हैं। कार्याधिकारी देवस्थानम बोर्ड एनपी जमलोकी का कहना है कि मंदिर परिसर के बाहर का पूरा क्षेत्र वन विभाग के अधीन है। हमारे स्तर से जो भी संभव हो सकता है सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वन विभाग को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। उधर डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर/चमोली अमित कंवर का कहना है कि द्वितीय केदार मद्महेश्वर के बुग्याल व आसपास के क्षेत्र के स्थलीय निरीक्षण के लिए टीम भेजी जा रही है। जो भी संभव होगा मंदिर व बुग्याल के संरक्षण के लिए त्वरित प्रयास किए जाएंगे। ब्यूरो