जाखधार में दो दिवसीय पारंपरिक जाख मेला 15 अप्रैल को आयोजित होगा। मेला समिति ने आयोजन की तैयारियां शुरू करते हुए ग्रामीणों को जिम्मेदारियां सौंपी है।
देवशाल में हुई समिति की बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए भक्तों से अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी के नियम के साथ मंदिर में पहुंचने की अपील की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि परंपरानुसार 11 अप्रैल को जाख मेला के लिए ग्रामीण जंगल से लकड़ियां एकत्रित करेंगे। जबकि बैशाखी के पर्व पर 14 अप्रैल की दोपहर को जाखधार स्थित जाख देवता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ अग्निकुंड की स्थापना कर 80 कुंतल लकड़ियां रखकर अग्नि प्रज्वलित की जाएंगी। जबकि कुंड में धधकते अंगारों में 15 अप्रैल को गंगा स्नान के बाद भगवान यक्षराज अपने पश्वा पर अवतरित होकर नृत्य करेंगे। बैठक में हर्षवर्धन देवशाली, महेंद्र देवशाली, हरिओम देवशाली, प्रियधर भटट, उत्तम भटट, एएम सेमवाल, नवीन देवशाली, गणेश शुक्ला, सतीश, विनोद देवशाली आदि थे। संवाद