रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बाल अधिकारों पर आयोजित कार्यशाला में बच्चों की सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा और बाल श्रम जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज के विभिन्न वर्गों को इस दिशा में सक्रिय करना है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। डिवीजन हेड पायल शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की डॉ. दीपाली ने किशोरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। वहीं साइबर निरीक्षक मनोज चौहान ने साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए। एडवोकेट अरुण चमोली ने किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की जानकारी दी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी रजत मेहता ने बाल श्रम के दुष्प्रभावों और रोकथाम पर प्रकाश डाला। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, शैली प्रजापति, रंजना गैरोला भट्ट आदि उपस्थित रहे। संवाद