अगस्त्यमुनि। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर में स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन की जानकारी दी गई। शिविर में सेवा इंटरनेशनल के प्रशिक्षक लोकेंद्र बलोदी ने बताया कि भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, भू-धंसाव, बादल फटने से होने वाला नुकसान प्राकृतिक आपदा होती है। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र में लोगों को त्वरित सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही घायलों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करानी होती है। प्रदेश स्तर पर 100 शिक्षण संस्थाओं में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एनएसएस के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. राजेश कुमार ने स्वयंसेवियों से प्रशिक्षण का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्राचार्य डाॅ. दिलीप सिंह बिष्ट, डाॅ. अनुज कुमार, डाॅ. सुखपाल रौतेला, डाॅ. संदीप शर्मा, सहायक कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. तनुजा मौर्य, जिला समन्वयक सेवा इंटरनेशनल मनोज बेंजवाल, शर्मिला बगवाड़ी आदि मौजूद थे। संवाद