जखोली। महिलाएं घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ खेती-किसानी, पशुपालन और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखा रही है। इस तरह जखोली के ग्राम डांगी, हरियाली भरदार निवासी इंदु नौटियाल भी है। इन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने परिश्रम से आत्मनिर्भरता बनी है। ये वर्तमान वर्तमान में स्थानीय उत्पादों सब्जियों, घी, शहद, दालों और मोटे अनाज की खरीद-बिक्री के कारोबार से औसतन 60 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। वे बताती हैं कि बचपन में वे टोकरियां बनाकर व बांज के पेड़ों से झूला घास निकालकर बेचने के लिए अपने मायके के गांव से चमोली घाट बाजार जाती थीं। उन्होंने बताया कि संघर्ष और मेहनत का अनुभव आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बताया कि महिलाएं बेमौसमी सब्जी उत्पादन, डेयरी, मत्स्य पालन और बड़ी इलायची की खेती से सफलता हासिल कर सकती हैं।