सोमवार को विधि-विधान के साथ गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद। गौरी माई की भ?
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गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। अब शीतकालीन छह माह की पूजा अर्चना गौरी गांव में होगी।
सोमवार को तेज बारिश के बीच विधि-विधान के साथ सुबह 10 बजे मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। इस मौके पर आराध्य मां गौरी का श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाया गया। इसके उपरांत अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए देवी की कंडी को तैयार किया गया। स्थानीय अरविंद गोस्वामी ने बताया कि दोपहर 12.30 बजे गौरीमाई के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए। ढोल-दमाऊं व पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ आराध्य की डोली अपराह्न तीन बजे गौरी गांव पहुंची। जहां पर ग्रामीणों ने आराध्य के दर्शन करते हुए भेंट अर्पित की। अब, छह माह तक गांव में ही गौरीमाई की पूजा-अर्चना होगी।