रुद्रपुर। लॉकडाउन से सबसे अधिक गेहूं की कटाई प्रभावित हो रही है। राज्य की सीमाओं पर किसानों और खेहितर मजदूरों के लिए छूट न होने से कई किसान यूपी की सीमा में आने वाले अपने खेतों से गेहूं नहीं काट पा रहे हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से गेहूं कटाई के लिए विशेष छूट देने की मांग की है। उत्तराखंड के प्रमुख कृषि उत्पादक जिले ऊधमसिंह नगर की सीमा उत्तर प्रदेश से सटी हुई है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय से ही सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि दोनों राज्यों में भी है। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, किच्छा, जसपुर, काशीपुर, सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता के कई किसानों की जमीन यूपी के बिलासपुर, बहेड़ी, पीलीभीत आदि जगहों पर भी हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण राज्य की सीमा सील की गई है। हालांकि प्रशासन ने ट्रैक्टर-ट्राली की छूट दी है, लेकिन सीमा पर पुलिस की सख्ती व कंबाइन मशीन को रोके जाने से जिले के किसान उत्तर प्रदेश के अपने अपने खेतों से गेहूं नहीं काट पा रहे हैं। रुद्रपुर के बगवाड़ा निवासी महिला किसान नवजोत कौर कहती हैं कि उनकी उत्तर प्रदेश के बहेड़ी क्षेत्र में कृषि भूमि है। सीमा पर कंबाइन मशीन को रोके जाने से गेहूं की कटाई नहीं हो पा रही है। उत्तर प्रदेश में भी कंबाइन मशीन नहीं मिल पा रही है। मलसी निवासी किसान जसबीर सिंह कहते हैं सीमा पर कंबाइन मशीन के साथ ही वाहनों को सख्ती से रोका जा रहा है। उनकी अपनी कंबाइन मशीन होने के बावजूद वह गेहूं नहीं काट पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के किसानों की कंबाइन मशीनें भी इस समय खाली नहीं हैं। बगवाड़ा निवासी किसान दिलराज बाजवा कहते हैं कि उनकी बहेड़ी में भी जमीन है, लेकिन प्रशासन ने सीमा पर इतनी सख्ती कर रखी है कि गेहूं कटाई मुश्किल हो रही है। किसानों को धान कटाई के लिए विशेष छूट मिलनी ही चाहिए। किच्छा निवासी किसान सरताज सिंह कहते हैं कि यदि प्रशासन ने किसानों को सीमा पर गेहूं की कटाई को लेकर छूट नहीं दी तो किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।