गुप्तकाशी। देवी मंदिरों व घरों पर देवी भक्तों ने कन्या पूजन कर उन्हें भोग लगाया। साथ ही शक्तिपीठ कालीमठ में नवमी महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। देवी के सभी नौ रूपों का आह्वान करते हुए देवी का शृंगार किया गया। इसके बाद यहां मेला लगा। गायत्री शक्तियों के आह्वान के साथ देवी के निशा की पूजा भी हुई। इसके बाद भक्तों ने महाकाली की डोली दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इधर, सिद्धपीठ मठियाणाखाल, दुर्गा मंदिर फेगू, मां ललिता माई त्रिपुरा सुंदरी नाला, गौरी माई मंदिर गौरीकुंड, चामुंडा मंदिर रुद्रप्रयाग, हरियाली मंदिर जसोली, दानकोट और नवासू में पूजा-अर्चना की गई। संवाद