केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने पंचायत राज विभाग में हटाए गए कर्मचारियों को पुन: नियुक्ति देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखा है।
विधायक रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य में पंचायत राज विभाग में अनुश्रवण, मूल्यांकन, रिपोर्टिंग एवं ऑडिट कार्यों के लिए 14वें वित्त में प्रत्येक ब्लॉक में एक कनिष्ठ अभियंता, और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई थी, लेकिन बीते वर्ष 31 मार्च को इन कर्मचारियों को हटा दिया गया। रोजगार की मांग को लेकर इन कर्मियों द्वारा देहरादून में कई माह तक आंदोलन भी किया गया। लेकिन सरकार ने नहीं सुनी। वहीं, कर्मचारियों के अभाव में विभाग में प्रतिवर्ष विभिन्न मदों में आने वाला लगभग 1100 करोड़ रुपया डंप पड़ा है। इस धनराशि से रुद्रप्रयाग जिले को वर्ष 2019-20 में 12 करोड़ मिले थे, जो खर्च नहीं हो पाए हैं। चमोली, देहरादून और हरिद्वार जिले की भी यही स्थिति है। विधायक ने मुख्यमंत्री से प्राथमिकता के साथ विभाग के अन्य खर्चों के मद का आधा फीसदी हटाए गए कार्मिकों को आवंटित कर उन्हें रोजगार देने की मांग की है, जिससे विभागीय कार्य पूरे हो सके। ब्यूरो