आशा संगठन ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम 18000 रुपये मानदेय देने की मांग की है। कहा कि बीते 15 वर्ष से वे प्रोत्साहन राशि पर कार्य कर हैं। साथ ही कोविड-19 से बचाव व रोकथाम के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। गांवों में गठित निगरानी समिति में शामिल करने के बाद अब प्रवासियों के स्वास्थ्य जांच करने का उन पर दबाव डाला जा रहा है। संवाद