रुद्रप्रयाग। विवाहिता से दुष्कर्म के बाद उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के दोषी युवक को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 7 साल की कैद और एक लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से एक लाख की राशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने के भी आदेश दिए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पुरसाड़ी जेल भेज दिया है।
मामले में बुधवार को जिला न्यायालय में सुनवाई हुई। जिला जज हरीश कुमार गोयल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गीता के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त नीरज नेगी ने पीड़िता के प्रेम और भावनाओं का गलत फायदा उठाया है। अभियुक्त सोच-समझ कर विवाहिता की ससुराल गया और उसके ससुरालियों के सामने आक्रोशित होकर उसकी (पीड़िता) निजता को उजागर किया। जिला न्यायाधीश ने युवक के जुर्म को घोर अपराध बताते हुए उसे सात वर्ष के कारावास और एक लाख दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने पैरवी की।
यह था मामला --
रुद्रप्रयाग। 23 दिसंबर 2016 को पीड़िता ने गुप्तकाशी थाने में नीरज नेगी पुत्र त्रिलोक सिंह नेगी, निवासी परकंड़ी (ऊखीमठ) के खिलाफ तहरीर दी थी। उसका कहना था कि युवक ने अपने को पुलिस कर्मी बताते हुए पहले उससे फेसबुक पर दोस्ती की थी। बाद में वे दोनों मिले और 2-3 वर्ष तक प्रेम का नाटक करते हुए युवक ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी वीडियो बनाई। इस दौरान शादी का झांसा देते हुए युवक वीडियो के सहारे उसे ब्लैकमेल करने लगा। बाद में युवक ने शादी से इनकार किया तो पीड़िता के घरवालों ने उसका विवाह अन्यत्र कर दिया, लेकिन नीरज 23 दिसंबर 2016 को उसके ससुराल पहुंच गया। पीड़िता से छेड़खानी कर वह अश्लील वीडियो उसके पति को दिखाने की धमकी देने लगा, तभी पीड़िता ने फोन कर अपने निकट के रिश्तेदारों को घर पर बुलाया तो युवक भाग खड़ा हुआ। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी को 24 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी कार, लैपटाप और मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया था।