रुद्रप्रयाग। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं के आरोपी को एक साल की जेल और साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को 35 दिन जेल में और रहना पड़ेगा।
जवाड़ी निवासी सुरेंद्र लाल पुत्र वीरू लाल ने 13 जनवरी 2017 को रुद्रप्रयाग संगम पर चामुंडा देवी मंदिर से 3 माला, मुकुट और छत्र चोरी की। मंदिर की माई की तहरीर पर अगस्त्यमुनि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर जांच शुरू करते हुए आरोप पत्र न्यायालय को प्रस्तुत किए। वहीं दूसरी घटना में बसुकेदार मंदिर के महंत अवधूत गिरी ने 15 जुलाई 2017 को थाना अगस्त्यमुनि में मंदिर में चोरी की सूचना दी। बताया कि 1 जुलाई की रात्रि को शिव मंदिर से शिव मूर्ति, अष्टधातु शेषनाग और अष्टधातु की नंदी की मूर्ति चोरी हो गई। वहीं, 14 जुलाई 2017 की रात्रि को बसुकेदार मंदिर से अष्टधातु की बहुमूल्य नंदीश्वर मूर्ति भी चोरी हुई। वादी की तहरीर पर 15 जुलाई को मामला दर्ज होते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और जवाड़ी के सुरेंद्र लाल को मूर्ति सहित गिरफ्तार किया था। इधर, बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर तोमर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी और आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को 1 साल कारावास की सजा सुनाई। दोनों मामलों में साढ़े चार हजार जुर्माने से भी दंडित किया। इन दोनों मामलों में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी सुदर्शन चौधरी ने पैरवी की।