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धोखाधड़ी के मामले में आश्रम के सहायक को तीन साल की जेल

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रुद्रप्रयाग। धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय ने दोषी को तीन साल की जेल और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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ऊखीमठ कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत में रामकृष्ण विवेकानंद सेवा आश्रम गुप्तकाशी के सचिव तुलसीदास की ओर से जून 2016 में गुप्तकाशी थाने में आश्रम के सहायक आदित्य कुलश्रेष्ठ पुत्र राजेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ निवासी-1134 जागेश्वर मोहल्ला, मुरसान गेट, जिला हाथरस के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपी आदित्य कुलश्रेष्ठ को जून 2016 में आश्रम के ऑडिट कार्य के लिए देहरादून भेजा गया था, लेकिन उसके द्वारा 27 जून को देहरादून से आश्रम के खाते से धोखाधड़ी से 51,345 रुपये निकाले गए, जिसका मैसेज सचिव तुलसीदास के मोबाइल फोन पर आया था। यहीं नहीं, अभियुक्त की ओर से आश्रम की चेक बुक भी चुराई गई। उसने देहरादून में एसबीआई की शाखा से 3 लाख 62 हजार रुपये का चेक भी लगाया था, लेकिन बैंक की ओर से खाताधारक से ली गई जानकारी के बाद मामला फर्जी पाया गया, जिस कारण आरोपी यह राशि नहीं निकाल सका। इस दौरान आरोपी के वकील ने भी अपना पक्ष रखा। न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने आदित्य कुलश्रेष्ठ को तीन वर्ष की जेल और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी विपुल पांडे और सुदर्शन सिंह चौधरी ने पैरवी की।
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