रुद्रप्रयाग। पलायन से खाली हो रहे गांवों में अकेले रह रहे ग्रामीण अपराधियों का निशाना बन रहे हैं। बीते दो वर्षों में रुद्रप्रयाग जिले के गांवों में पांच हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें तीन मामले ऐसे हैं, जहां घरों में अकेले रहने वाले लोगों की हत्या कर लूटपाट की गई थी।
अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लाक की 339 ग्राम पंचायतों के 600 से अधिक गांवों में 450 से अधिक गांवों की सुरक्षा राजस्व पुलिस के अधीन है। जिले में 52 पटवारी वृत्त गठित हैं, जिनमें वर्तमान में 18 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में गांवों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। गांवों में पिछले दो वर्षों में पांच हत्याएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में 26 जून 2016 को अगस्त्यमुनि ब्लाक के क्यूंजा घाटी के केड़ा मल्ला में महिला द्वारा दरांती से पति की हत्या और 23 अप्रैल 2018 को सणगू गांव में इंद्रसेन द्वारा धारदार हथियार से पत्नी की हत्या के अलावा जो तीन घटनाएं हुई हैं, वे लूटपाट के इरादे से की गई थी। ये तीनों लोग घरों में अकेले थे। 26 अगस्त की रात्रि को जखोली ब्लाक के जयंती गांव में घर में अकेली रहने वाली 50 वर्षीय विमला देवी की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह 4 अप्रैल 2017 को लिस्वाल्टा गांव में 45 वर्षीय सरोजनी देवी की हत्या भी लूटपाट के इरादे से की गई। सरोजनी देवी भी घर पर अकेली रह रही थी। बीते 7 अक्तूबर को आगर गांव में भी आरोपी राजबर ने वृद्ध दरवान सिंह के अकेलेपन का फायदा उठाकर उनकी हत्या कर दी थी। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि जिले में रिक्त राजस्व उप निरीक्षक के पदों पर जल्द तैनाती की जाएगी।