रुद्रप्रयाग। बसुकेदार स्थित 12वीं-13वीं सदी के ऐतिहासिक मंदिर समूह के संरक्षण और रासायनिक उपचार का कार्य लगभग एक माह बाद पूरा हो गया है। पुरातत्व विभाग की ओर से जीर्णशीर्ण संरचनाओं, खंभों और छतों की मरम्मत के साथ मंदिर की दीवारों और मूर्तियों पर विशेष रासायनिक लेप लगाया गया है। संरक्षण सहायक अनिल नेगी ने बताया कि मंदिर प्रांगण और दीवारों पर जमी काई को रासायनिक प्रक्रिया से साफ कर संरक्षित किया गया। यह कार्य लगभग एक माह तक चला। बारिश और मौसम से संरचना सुरक्षित रखने के लिए केमिकल ट्रीटमेंट किया गया है साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया गया। संवाद