डा. रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में इस प्रकार का संस्थान खुलने से दूरस्थ क्षेत्रों के दिव्यांग छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से संचालित कौशल विकास योजना के तहत यहां पर कौशल विकास केंद्रों की स्थापना करवाई जाएगी। कालेज के निदेशक राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि संस्थान में फिलहाल 20 सीटें बीएड व 20 सीटों पर फाउंडेशन कोर्स संचालित किए जाएंगें। कार्यक्रम में संयोजक विजयपाल राणा, विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, अनूप सेमवाल व शकुंतला जगवाण, हर्षवर्धन बेंजवाल, फलई के प्रधान महेंद्र सिंह राणा ने भी विचार रखे। इस मौके पर उत्तराखंड मुक्त विवि के विशिष्ट बीएड संकाय अध्यक्ष सिद्धार्थ पोखरियाल सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।