संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पंतनगर थाने से फरार हुआ ठगी का आरोपी 10 दिन बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। कोरोना वायरस के बीच पुलिस की व्यवस्था का फायदा आरोपी को सीधे तौर पर मिल रहा है। ऐसे में उसके देश छोड़कर भागने की आशंका से मना नहीं किया जा सकता है।
बीते दिनों धारचूला निवासी अक्षय कुमार ओली अपने साथ अल्मोड़ा के बयारी गांव निवासी विनोद कुमार पांडे को लेकर पंतनगर विवि के सुरक्षा विभाग में पहुंचा था, जहां उसने सुरक्षा अधिकारी को बताया था कि विनोद ने उससे पंत विवि में पुस्तकालय सहायक पद पर नियुक्ति के लिए 1.26 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद विनोद ने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया था। नियुक्ति फर्जी होने पर उसने विनोद से अपनी दी हुई रकम वापस मांगी। तीन माह बाद विनोद ने उसको 56 हजार रुपये लौटाये। 16 मार्च को 70 हजार रुपये देने के लिए विनोद ने उसे पंतनगर में बुलाया था। पैसों को देने में आनाकानी करने के बाद मामला विवि के सुरक्षा विभाग तक पहुंच गया।
कुलपति डॉ. तेज प्रताप के निर्देश पर सुरक्षाधिकारी आरसी जोशी ने विनोद कुमार पांडे को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तहरीर देने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पूछताछ के दौरान विनोद पानी पीने के बहाना बनाकर फरार हो गया था। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने तत्काल प्रभाव से कांस्टेबल वीरेंद्र व गणेश को सस्पेंड कर दिया था। पुलिस ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, अल्मोड़ा तक आरोपी की तलाश में दबिशें दी लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पंतनगर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया आरोपी की तलाश जारी है। कोरोना वायरस के चलते ड्यूटी में कुछ असर पड़ा है।