जिला सलाहकार समिति प्री कंसेप्शन एंड प्री नटाल डायग्नॉस्टिक टेक्निक (पीसीपीएनडीटी) के तहत जनपद में एक या दो बेटियों वाले दंपतियों पर जिला प्रशासन द्वारा नजर रखी जाएगी। जिला सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि आज के दौर में भी कई परिवार पुत्र मोह में अंधविश्वास व विकृत मानसिकता के शिकार है, जिसके चलते कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध हो रहे हैं। कहा कि लड़का हो चाहे लड़की दोनों समान हैं। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके झा ने बताया कि समय-समय पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया जनपद में वर्ष 2017-18 में लिंगानुपात 904, वर्ष 2018-19 में 926 और वर्ष 2019-20 में जून तक 1014 है। इस मौके पर अपर अपर चिकित्साधिकारी डा. जितेंद्र नेगी, अधिवक्ता अरुण बाजपेयी, प्रभारी अधिकारी कलक्ट्रेट मायादत्त जोशी समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।