रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान बिना अनुमति जनसभा करने के आरोप में दर्ज मामले में त्रिभुवन चौहान को बाह्य न्यायालय ऊखीमठ ने दोषमुक्त कर दिया है। त्रिभुवन चौहान ने कहा कि यह सत्य की जीत है। केदारनाथ उपचुनाव के समय उनकी बढ़ती लोकप्रियता से राजनीतिक विरोधियों में बेचैनी थी जिस कारण उनकी छवि धूमिल करने और राजनीतिक रूप से कमजोर दिखाने के उद्देश्य से झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया। कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है। कहा कि आगामी 2027 के चुनावों में उनकी सक्रियता कुछ लोगों के लिए सिरदर्द साबित होने वाली है। संवाद