रुद्रप्रयाग। श्री पुंडेश्वर महादेव मंदिर पुनाड़ में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में कथा वाचक आचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने राजा हरीश चंद्र का जीवन वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि राजा हरीशचंद्र ने सत्यनिष्ठता और सतत् धर्म का पालन करते हुए जीवन यापन किया। उन्होंने सत्य के लिए अपने पुत्र और पत्नी का विक्रय कर अपने आपको चंडाल के अधीन कर उसकी सेवकाई की। धर्म के मार्ग पर चलकर वह अंत में स्वर्ग गए। उन्होंने कहा कि धर्म आत्मा का विशेष गुण है, जो हमें परमात्मा स्वरूप को प्राप्त करवाता है। आचार्य ने कहा कि आज मनुष्य अपनी कामनाओं का गुलाम बनकर रह गया है, जो मनुष्य इन पर काबू पा लेता है, उसका उद्धार अवश्य होता है।