रुद्रप्रयाग। संस्कृत सप्ताह के तहत श्री 108 स्वामी सच्चिदानंद वेद भवन संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत भाषा की दिशा और दशा पर विस्तार से चर्चा की गई।
विद्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुरेश चरण बहुगुणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि भारत की प्रतिष्ठा और गौरव संस्कृत में ही निहित है। उन्होंने कहा संस्कृत वाड्मय के महत्व से ही आज भारत एक बार फिर से विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। व्याकरण विभागाध्यक्ष डा. भानुप्रसाद देवली ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संस्कृत बाड्मय में की गई ज्ञान-विज्ञान की बातों के प्रचार-प्रसार की आश्यकता है। डा. रामप्रसाद उपाध्याय ने कहा कि संस्कृत संसार की सबसे पुरानी भाषाओं में एक है। महाविद्यालय के छात्रों ने संस्कृतपरक शोभायात्रा भी निकाली। इस मौके पर स्वागत गान, सरस्वती वंदना, संस्कृत भाषण, आशुभाषण, श्लोकोच्चारण, राष्ट्रप्रेम से संबंधित संस्कृत गीत, वाद विवाद समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्र में इस मौके पर आचार्य सुखदेव सिलोड़ी, जयप्रकाश गौड, शशि भूषण बमोला, देवी प्रसाद नौटियाल समेत विद्यालय परिवार व छात्र मौजूद थे।