गुप्तकाशी। ग्राम पंचायत देवर में पांडव नृत्य के 31वें दिन कमलव्यूह का मंचन किया गया, जिसमें अर्जुन ने जयद्रथ का वध कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की।
सोमवार को पांडव नृत्य के तहत आयोजित कमलव्यूह का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने किया। कौरवों ने चक्रव्यूह में वीर अभिमन्यु को मार दिया था। उसके शव को जयद्रथ का पैरों से कुचलने पर अर्जुन क्रोधित होकर प्रतिज्ञा करते हैं कि सूर्यास्त से पहले जयद्रथ का वध करेंगे। कौरव जयद्रथ के प्राणों की रक्षा के लिए कमलव्यूह की रचना करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण अपनी माया से बादलों के बीच सूर्य को छिपा देते है। ऐसे में अर्जुुन हताश हो जाते हैं, लेकिन वह जैसे ही अपने प्राणों को त्यागने के लिए चिता तैयार करने लगते हैं। वैसे ही जयद्रथ भी खुशी मनाते हुए कमलव्यूह से बाहर आ जाता है। ऐसे में भगवान पुन: अपनी माया से बादलों के बीच सूर्य को प्रकट करते हैं। यह देख अर्जुन अपने धनुष पर वाण चढ़ाकर जयद्रथ का वध कर देता है। इस मौके पर पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, ललित मोहन पोखरियाल, संयोजक दयाल सिंह, संरक्षक नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष गंगा सिह चौहान व सचिव प्रदीप चौहान आदि थे।