गुप्तकाशी। 11 गांव रामलीला समिति के सहयोग से आयोजित ग्यारह दिवसीय धार्मिक लीलाओं के दूसरे दिन नारद लीला का मंचन किया गया।
विश्वनाथ मंदिर परिसर में दूसरे दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ ऊखीमठ की नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण ने किया। नारद लीला में महर्षि नारद तपस्या करते हैं। इंद्रलोक के कहने पर एक सुंदरी को देख वे मोहित हो जाते हैं और भगवान से कहते हैं कि वे अपना रूप में मुझे दे दें। भगवान महर्षि का श्रृंगार करते हैं। इसके बाद वे स्वयंवर मंडप में पहुंचते हैं। जहां लोग उन पर हंसते हैं। यहां तक कि सुंदरी वरमाला भगवान नारायण के गले में डाल देती है। इस पर नारद अपना चेहरा दर्पण में देखकर क्रोधित होते हैं और नारायण को शाप देते हैं कि जिस स्त्री के लिए आपने ने मेरा चेहरा बंदर का बना दिया है, उसी के वियोग में आप तड़पेंगे और इन्हीं बंदरों से आपको मदद लेनी होगी। नारद के पात्र प्रदीप सेमवाल सहित अन्य का अभिनय शानदार रहा। इस मौके पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष बीरेंद्र असवाल, प्रधान मदन अग्रवाल, समिति के अध्यक्ष मदन सिंह रावत मौजूद थे।