रुद्रप्रयाग। गैरसैण को प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर युवा लामबंद होने लगे हैं।
काली कमली धर्मशाला में युवा संगठन की बैठक में वक्ताओं का कहना था कि राज्य निर्माण के 17 वर्ष बाद भी उत्तराखंड को स्थायी राजधानी नहीं मिल पाई है। गैरसैंण के नाम पर सरकारें सिर्फ आश्वासन दे रही हैं। ऐसे में जनता के मिले सुझावों पर कार्ययोजना तय कर टीमों का गठन किया जाएगा और स्थायी राजधानी के मुद्दे को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही संवाद स्थापित करने के साथ ही ‘गैरसैंण ही स्थायी राजधानी क्यों‘ के पर्चे भी वितरित किए जाएंगे। राज्य आंदोलनकारी केपी ढौंड़ियाल ने कहा कि जिन अवधारणाओं को लेकर राज्य की मांग की गई थी, वह पूरी नहीं हो पाई हैं। श्यामलाल सुंदरियाल ने कहा कि जनता के बीच तथ्यों को लेकर गैरसैण के बारे में बताया जाएगा। राज्य आंदोलनकारी देवेंद्र चमोली ने कहा कि युवा शक्ति से ही गैरसैंण के मुद्दे को जीता जा सकता है। अधिवक्ता प्यार सिंह नेगी ने कहा कि भावी आंदोलन की रूपरेखा के लिए लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इस मौके पर मोहित डिमरी, नरेश भट्ट, भूपेंद्र नेगी, वीरपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।