हत्या के प्रयास के मामले में वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस का परिजनों और रिश्तेदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके चलते आरोपी भागने में सफल रहा। कार्रवाई में बाधा डालने पर पुलिस ने 40 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के विश्वकर्मा चौक पर 26 जून को पुरानी तहसील निवासी प्रशांत नाम के एक युवक पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया था। इसमें प्रशांत घायल हो गया था। पीड़ित की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में तनवीर निवासी पाडली गुर्जर का नाम भी सामने आया था। तभी से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जवाहर लाल ने बताया कि शुक्रवार रात उन्हें सूचना मिली कि फरार आरोपी इस समय अपने घर में हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंच कर आरोपी के घर की घेराबंदी कर दबिश दी। परिजनों और रिश्तेदारों ने कार्रवाई का विरोध कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। इसी बीच आरोपी भाग निकला। विरोध को देखते हुए पुलिस टीम ने अतिरिक्त फोर्स बुलवाई। उसके बाद सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि के आरोप में 40 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों में शमशाद, अरशद, नौशाद, इदरीश, नईम, तालिब, शाहिद, जहीर, फरमान, तजमुल, पिंकू, दानिश, इखलाक और साहिल आदि के नाम शामिल हैं। इनसेट पुलिस पर तोड़फोड़ व लूटपाट का आरोप रुड़की। पाडली गुर्जर निवासी शमशाद ने पुलिस पर आरोप लगाया कि शुक्रवार रात 8-10 पुलिसकर्मी उनके घर में दीवार फांदकर और छत के रास्ते से घुसे और दरवाजे के कुंडे, चटकनी आदि तोड़ दी। घर में मौजूद महिलाओं से भी गाली-गलौज की। कमरे में रखी अलमारी खोलकर पुलिसकर्मियों ने नकदी और जेवरात भी लूट लिए। तनवीर घर पर नहीं था। लेकिन पुलिस जबरन कह रही थी कि उन्होंने उसे घर में छिपाया हुआ है। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार आयोग आदि से की है। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जवाहर लाल ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा उन्होंने शमशाद को कई बार फोन किया। लेकिन शमशाद ने एक बार फोन सुनने के बाद फोन नहीं उठाया। पुलिस घर में घुसी ही नहीं। ब्यूरो