गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी अंबर तालाब स्थित एक धर्मशाला में ठहरे महाराष्ट्र के एक पर्यटक की बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जिस समय पर्यटक की हालत बिगड़ी, उस समय धर्मशाला का मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगाया हुआ था। समय पर गेट नहीं खुलने और कथित तौर पर कागजी कार्रवाई में देरी के चलते उन्हें उपचार के लिए बाहर नहीं ले जाया जा सका। मामले में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र का एक परिवार मंगलवार रात धर्मशाला में ठहरा था। परिवार किसी संस्था की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए रुड़की आया था। प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में परिवार के एक सदस्य का चयन हुआ था। बुधवार सुबह करीब सात बजे परिवार के सदस्य महेश प्रभाकर निवासी रामचंद्र कॉप्लेक्स समोर नवापाड़ा गणेशनगर रोड डोबिवली वेस्ट कल्याण विष्णुनगर ठाणे महाराष्ट्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तत्काल बाहर ले जाने की तैयारी की, लेकिन मुख्य गेट बाहर से बंद मिला। लोगों के मुताबिक महेश की पत्नी और पुत्री ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद धर्मशाला संचालक भी मौके पर पहुंचा। आरोप है कि इसी दौरान एंबुलेंस बाहर खड़ी रही और संचालक की ओर से कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए उन्हें रोका गया। इस बीच महेश की हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने धर्मशाला के अंदर ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर धर्मशाला संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की है। सीओ रुड़की ओसीन जोशी ने बताया कि तहरीर मिली है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जानकारी दी गई है कि बाहर से ताला लगाया गया था। प्राथमिक जांच में पर्यटक की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।