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Roorkee Crime: पर्यटन सचिव के नाम पर फर्नीचर कारोबारी से लाखों की ठगी, ऐसे लगाई चपत

Sun, 08 Oct 2023 04:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

राकेश कुमार सैनी फर्नीचर कारोबारी है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि करीब एक माह पूर्व उनके पास फेसबुक मैसेंजर पर एक मैसेज आया था। जिस आईडी से मैसेज आया था वह आईडी उत्तराखंड पर्यटन सचिव आईएएस अधिकारी सचिन कुर्वे के नाम से थी।
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे के नाम पर साइबर ठगों ने एक फर्नीचर कारोबारी से लाखों की ठगी कर ली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित न्यू आदर्शनगर निवासी राकेश कुमार सैनी फर्नीचर कारोबारी है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि करीब एक माह पूर्व उनके पास फेसबुक मैसेंजर पर एक मैसेज आया था। जिस आईडी से मैसेज आया था वह आईडी उत्तराखंड पर्यटन सचिव आईएएस अधिकारी सचिन कुर्वे के नाम से थी।

उन्होंने बताया कि वह सचिन कुर्वे को तब से जानते हैं जब वह हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी थे। इस पर उन्हें विश्वास हो गया कि वह सचिन कुर्वे का ही मैसेज है। मैसेज भेजने वाले ने बताया कि उनके एक दोस्त सीआरपीएफ अधिकारी हैं, जिनका कहीं बाहर स्थानांतरण हो गया है और वह अपना पुराना फर्नीचर बेचना चाहते हैं। उसे वह उचित दाम पर खरीद लें।
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साथ ही अपना मोबाइल नंबर भेजने की बात कही। इस पर उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दे दिया। कुछ देर बाद उनके पास सीआरपीएफ के अधिकारी संतोष कुमार के नाम से कॉल आई। उसने बताया कि वह फर्नीचर के 10 आइटम 1.25 लाख रुपये में बेचेंगे। विश्वास में आकर वह फर्नीचर खरीदने के लिए तैयार हो गए और बताए गए खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद फिर से संतोष कुमार के नाम से कॉल आई।

उसने बताया कि उनकी गाड़ी को एंट्री पास नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सिक्योरिटी के रूप में 53,750 और 51,750 हजार रुपये जमा होंगे जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे। इस पर उन्होंने यह रकम भी जमा कर दी। रकम जमा करने के बाद फिर से एक कॉल आई। उसने कुछ और रकम जमा करने की बात कही। इस पर उन्होंने कुल 3,55,500 रुपये जमा कर दिए।
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कुछ देर बाद उन्होंने उस नंबर पर काॅल की तो उनका नंबर ब्लाॅक कर दिया गया था। शक होने पर उन्होंने सचिन कुर्वे को जानकारी दी तो पता चला कि कुछ दिन पहले उनकी फेसबुक आईडी हैक हो चुकी है। मैसेज उनके द्वारा नहीं भेजे गए हैं। कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

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