रात करीब 12 बजे स्टील फैक्टरी का दर्दनाक मंजर जिसने भी देखा, वह सिहर उठा। धमाके के बाद कोई मदद के लिए गुहार लगा रहा था तो कोई जमीन पर लेटा हुआ तड़प रहा था। जो ठीक थे, उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि वे किसकी मदद करें और कैसे उन्हें दर्द से निजात दिलाएं।
आधा घंटे से भी ज्यादा समय तक फैक्टरी के भीतर कोहराम मचा रहा। स्टील फैक्टरी में हुआ धमाका बेहद खौफनाक था। जो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। उनमें कुछ ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिन्हें ठीक होने में साल भर से ज्यादा का समय लग सकता है। वहीं कुछ शायद काम पर भी ठीक ढंग से नहीं लौट पाएं।
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इसे लेकर पीड़ितों के परिजनों में गुस्सा है। एक परिजन ने बताया कि ठेकेदार के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों को फैक्टरी की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है। फैक्टरी मालिक ने वार्ता की बात कही। भैजाहेड़ी पुरकाजी निवासी विपिन ने बताया कि शुक्रवार को फैक्टरी में पीड़ितों को राहत देने के लिए कदम नहीं उठाया जाता है तो प्रदर्शन किया जाएगा।