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अफसरों को बंधक बनाया

Wed, 09 Mar 2016 12:29 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
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बिजली का कनेक्‍श्‍ान काटने पर भ्‍ाड़के ‌किसान - फोटो : अमर उजाला
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रुड़की। किसानों के घरों के विद्युत कनेक्शन काटने गए बिजली अधिकारियों के साथ ग्रामीणों का दिनभर पंगा हुआ। पहले किसानों ने कनेक्शन काटने गए जेई को दौड़ा दिया, इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ एवं अधिशासी अभियंता को भी बंधक बना लिया। काटे गए दो विद्युत कनेक्शन जोडने के बाद ही अधिकारियों को ग्रामीणों ने छोड़ा।
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मंगलवार को ऊर्जा निगम के क्षेत्रीय जेई अर्पित सैनी लाइनमैन के साथ झबीरनजट गांव पहुंचे। जहां बिजली के बकायादारों के विद्युत कनेक्शन काटने लगे। लेकिन जैसे ही जेई एक किसान के घर में कनेक्शन काटने के लिए पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। किसानों का आक्रोश एवं हंगामा देख जेई वहां बमुश्किल जान बचाकर निकल लिए। इसके बाद जेई ने सारा माजरा अधिकारियों को बताया। जिस पर अधिशासी अभियंता एके मिश्रा एवं एसडीओ अक्षय कपिल झबीरन गांव में टीम के साथ पहुंच गए। अधिकारियों ने दो किसानों के कनेक्शन काट भी दिए, लेकिन इसी बीच विद्युत कनेक्शन काटने की सूचना ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं को दी।

सूचना मिलने पर भाकियू के गढ़वाल मंडलाध्यक्ष संजय चौधरी तथा प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार शास्त्री कई पदाधिकारियों के साथ गांव में पहुंच गए। किसान नेताओं ने बिजली अधिकारियों की इस कार्रवाई के खिलाफ धरना शुरू कर कनेक्शन काटने का काम रुकवा दिया। साथ ही बिजली अधिकारियों को भी बंधक बनाकर धरने पर बैठा लिया। इस दौरान किसानों का कहना था कि वह उत्तम शुगर मिल को गन्ना बेचते हैं, लेकिन उत्तम शुगर मिल ने अभी तक नए सत्र का एक भी रुपया जारी नहीं किया है, जबकि मुख्यमंत्री एवं शासन-प्रशासन के अधिकारी लगातार उन्हें भुगतान कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन एक भी आश्वासन पूरा नहीं होने से उन्हें भुगतान का एक भी रुपया अभी तक नहीं मिला है।
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ऐसी स्थिति में वह फिलहाल बिजली का बिल जमा नहीं कर सकते हैं। किसान नेता काटे गए विद्युत कनेक्शनों को जोडने की मांग पर अड़ गए। जिस पर बिजली अधिकारियों ने किसान नेताओं के आगे झुकते हुए काटे गए कनेक्शनों को जोड़ दिया, तब जाकर ही करीब ढाई बजे से बंधक बनाए गए दोनों अधिकारियों को डेढ़ घंटे बाद यानि चार बजे मुक्त किया। इस मौके पर ओमप्रकाश, सुक्ररमपाल सिंह, चमनलाल शर्मा, जगपाल सिंह, सुमित कुमार, काका सिंह, प्रभात, अनुज कुमार, बिंदू आदि किसान नेता मौजूद रहे।

अधिकारी स्वयं होंगे जिम्मेदार
किसान नेताओं का कहना है कि जब तक मिल की ओर से गन्ना भुगतान नहीं किया जाता है, तब तक अधिकारी किसानों के यहां बिजली कनेक्शन काटने न जाएं, जो किसान स्वयं अपना बिल जमा करना चाहते हैं वह कर देंगे, लेकिन जबरदस्ती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में अगर कोई अधिकारी कनेक्शन काटने गया और उसके साथ कुछ अप्रिय घटना हो गई तो उसके जिम्मेदार भी अधिकारी खुद होंगे।

इनका कहना है
मंगलवार को जेई बकाया वसूली के तहत झबीरन जट में कनेक्शन काटने गए थे, लेकिन ग्रामीणों के विरोध पर उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद मैं अधिशासी अभियंता के साथ मौके पर गया। जिसमें ग्रामीणों से वार्ता में सहमति बनी है कि 15 मार्च को गांव में कैंप लगाकर बिल जमा किए जाएंगे।
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अक्षय कपिल, एसडीओ, ऊर्जा निगम
 
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