डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ भारत के पदाधिकारियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
संगठन के पदाधिकारी ने पत्र देकर बताया कि सभी सरकारी विभागों के सभी स्तर के अधिवक्ता पैनल में एससी एसटी, ओबीसी व माइनोरिटी को जनसंख्या अनुपातनुसार प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा उच्च एवं उत्तम न्यायालय में एससी एसटी, ओबीसी व माइनोरिटी को जनसंख्या अनुपातानुसार प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की जाए। 65 वर्ष की आयु एवं 35 वर्ष की वकालत पूरी होने के बाद अधिवक्ता को पेंशन की व्यवस्था की जाए।
5 वर्ष तक की शुरुआती वकालत और 30 वर्ष की आयु तक के अधिवक्ता साथियों को मासिक पांच हजार का मानदेय लागू किया जाए। सभी अधिवक्ताओं के लिए चेंबर की व्यवस्था की जाए। सभी अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख तक के चिकित्सा बीमा की व्यवस्था की जाए। पत्र देने वालों में अजय कुमार एडवोकेट, पहल सिंह, राजवीर सिंह, प्रवीण कुमार, सतीश कुमार, शिवकुमार मदनपाल सिंह, अजय कुमार, मदनपाल सिंह व मोनू कुमार आदि शामिल रहे।