अंतरराज्जीय बच्चा चोर गिरोह अनाथालयों से संपर्क कर बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था। इस काम में एजेंट अहम भूमिका निभाते थे। एजेंट अनाथालयों से बच्चा गोद लेने आने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें बेचते थे। पुलिस बच्चा खरीदने वालों की भी तलाश में जुटी है।
पुलिस ने जिस बच्चा चोर गिरोह को पकड़ा है, उसका नेटवर्क बहुत बड़ा है। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह में कई अन्य महिला व पुरुष भी शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में गिरोह ने बताया कि उन्होंने बिजनौर और सहारनपुर में मैरिज ब्यूरो खोल रखे हैं। वह इसकी आड़ में बच्चा चोरी का गिरोह चला रहे थे। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरोह के पास से एक डायरी भी मिली है। इसमें कई महिलाओं व पुरुषों के मोबाइल नंबर मिले हैं। इसके अलावा डायरी में कुछ अनाथालयों के भी नंबर मिले हैं।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने पूछताछ में बताया कि वह कुछ अनाथालयों के संपर्क में भी रहते थे। साथ ही बच्चा गोद लेने आने वाले लोगों से एजेंट के जरिये भी संपर्क करते थे। इसके बाद जरूरतमंदों को मोटी रकम में बच्चा बेच देते थे। एसएसपी ने बताया कि मामले में बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी इस मामले में संलिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लुटेरी दुल्हन गैंग भी चलाता है गिरोह
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मैरिज ब्यूरो की आड़ में गिरोह लुटेरी दुल्हन गैंग भी चलाता है। मैरिज ब्यूरो में शादी करवाने के लिए संपर्क में आने वाले युवक व उसके परिवार को गिरोह युवतियों से मिलवाता था। इसके बाद शादी तय करवा दी जाती थी। शादी वाली रात ही लुटेरी दुल्हन परिवार को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला देती थी। इसके बाद रात में जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी। इसके बाद गिरोह आपस में पूरे सामान का बंटवारा करता था।
जैसी जरूरतमंद, वैसा रेट
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बच्चा चोरी कर उसे बेचने के लिए एजेंट से पहले संपर्क किया जाता था। एजेंट बच्चा जरूरतमंद लोगों से गिरोह की मुलाकात कराता था। इसके बाद गिरोह बच्चा लेने वालों से बातचीत कर बातों ही बातों में उनकी पूरी फैमिली बैक ग्राउंड की जानकारी ले लेता था। जरूरतमंद अमीर निकलते थे तो मोटी रकम लेते थे। जरूरतमंद साधारण परिवार से है तो उसी के आधार पर रकम लेते थे।