साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के मौके पर रविवार रात को दरगाह परिसर में सज्जादानशीन शाह अली ऐजाज साबरी की सरपरस्ती में झंडे वाली महफिल-ए-समां का आयोजन किया गया। महफिल में साहिबजादा शाह यावर अली ऐजाज साबरी, शाह यासिर अली शाह सुहैल मियां समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। महफिल की शुरुआत कुल शरीफ से हुई। इसके बाद विभिन्न स्थानों से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। कव्वालियों के दौरान दरगाह परिसर का माहौल रूहानी हो गया और अकीदतमंद झूमते नजर आए। साहिबजादा शाह यावर अली साबरी ने बताया कि बरेली से वसीम साबरी के नेतृत्व में हर वर्ष की तरह इस बार भी जत्था झंडा लेकर उर्स में शामिल हुआ। यह जत्था उर्स की सभी प्रमुख रस्मों में शामिल होता है। सभी रस्मों के संपन्न होने के बाद झंडे के नाम से विशेष महफिल-ए-समां आयोजित करने की परंपरा है। इस दौरान शाह सुहेल मियां, वसीम साबरी, कमाल साबरी, सूफी राशिद साबरी, असद साबरी, बाबा मिस्सी शाह साबरी, नोमी मियां, नियाजी साबरी, रहीम साबरी, शाहरूख साबरी, असलम साबरी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।