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Roorkee News: कांवड़ पटरी पर शिवभक्तों को मिलेगा ‘सुरक्षा कवच’

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गंगनहर पटरी पर सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू



कांवड़ियों के साथ ही आमजन को भी मिलेगा लाभ





इस बार सावन माह में कांवड़ पटरी पर शिवभक्तों को सुरक्षा दीवार का कवच मिल सकेगा। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में करीब एक करोड़ की लागत से करीब दो किमी लंबी सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे न केवल कांवड़ियों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि गंगनहर पटरी से गुजरने वाले वाहन भी सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे।

हर साल कांवड़ सीजन में लाखों की संख्या में शिवभक्त रुड़की में कांवड़ पटरी मार्ग से गंगाजल लेकर गुजरते हैं। शहरी क्षेत्र में कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह विशाल भंडारे और विश्राम स्थल बनाए जाते हैं। इसके अलावा शिवभक्तों के पीने और नहाने के लिए पानी का इंतजाम भी किया जाता है। अभी तक शहरी क्षेत्र में गंगनहर के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं थी।
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हालांकि, कहीं-कहीं पर लोहे की जाली लगी है। कहीं पर जाली नहीं है और घास फूस और पेड़ खड़े हैं। जिससे हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग की ओर से 2019 में सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव पर मंजूरी हासिल कर ली थी। अब इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल सुरक्षा दीवार बनाने के लिए खुदाई का काम शुरू किया गया है।

सुरक्षा दीवार रुड़की में गंगनहर पटरी पर यूपी सिंचाई विभाग के प्रशासनिक भवन से शुरू होकर गणेशपुर रेलवे अंडरपास से 800 मीटर आगे तक बनाई जाएगी। इसके बाद का हिस्सा यूपी सिंचाई विभाग के मुजफ्फरनगर डिवीजन बनाएगा। फिलहाल शहरी क्षेत्र में सुरक्षा दीवार बनने से शिवभक्तों के साथ-साथ आम लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।







आवाजाही में दिक्कत, बैरीकेडिंग लगाई



सुरक्षा दीवार बनाने के लिए गणेशपुर पुल से पटरी मार्ग पर बैरीकेडिंग लगाकर आवाजाही बंद कर दी गई है। जिसके चलते लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा रहा है। लोगों को मिलेट्री चौराहे से घूमकर आना पड़ रहा है। उधर, बोट क्लब की ओर से आने वाले लोगों को जादूगर रोड से होकर हाईवे के रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। एक सप्ताह तक पटरी पर आवाजाही बंद रह सकती है।







गंगनहर में गिर चुके हैं कई वाहन

सुरक्षा दीवार नहीं होने से गंगनहर में वाहनों के गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। करीब चार साल पहले प्रशासनिक भवन के पास ही रात में कार सीधे गंगनहर में जा गिरी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। दो माह पूर्व आसफनगर के समीप गंगनहर से निकलने वाले रजवाहे में कार गिर गई थी। हालांकि, पानी कम होने से कार सवार बच गए। करीब पांच साल पहले धनौरी के पास कार गंगनहर में गिर गई थी, जिससे परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, गंगनहर किनारे से कभी कभार बच्चे भी घाट पर उतर जाते हैं और पांव फिसलने से जान गवां बैठते हैं। डेढ़ माह पूर्व एक स्कूली छात्रा भी गंगनहर में गिरकर ओझल हो गई थी।
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शहरी क्षेत्र में कांवड़ पटरी पर सुरक्षा दीवार के निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। इससे कांवड़ियों के साथ ही कांवड़ पटरी से आवागमन करने वालों को सुरक्षा मिलेगी।



-अनिल निमेष, एसडीओ यूपी सिंचाई विभाग रुड़की
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