चुनाव आचार संहिता के दौरान रुका सड़कों के सत्यापन का काम फिर से शुरू होगा। इसके लिए सड़क निर्माण संबंधी विभाग को तलब किया गया है।
सुलभ आवागमन के लिए सड़कें बनाई जाती हैं। शुरुआत में तो ये चमकदार लगती हैं, मगर साल-दो साल बाद ही सच सामने आने लगता है। पहले सड़कों में गड्ढे दिखाई देते हैं फिर जनता गड्ढों में सड़क खोजती है। प्रदेश सरकार ने सड़कों को बनाने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों से हिसाब मांगने की तैयारी शुरू की थी। इसी बीच विधानसभा चुनाव को लेकर भौतिक सत्यापन की कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई थी। मतदान होने के बाद अब फिर से जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने एसडीएम को क्षेत्र में सड़कों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि चुनाव को देखते हुए सड़कों का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका था। क्षेत्र में पिछले साल बनी सड़कों के भौतिक सत्यापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। सत्यापन के दौरान सड़कों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। सड़क में धांधली मिलने पर दोषी पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संवाद