रुड़की। बीएसएम ट्रस्ट के खिलाफ चल रहा धरना चौथे दिन भी जारी रहा। रविवार को धरना स्थल पर सुंदरकांड का पाठ किया गया। राजस्थान की शिक्षक संघ की नेत्री अनीता जालौर ने संदेश भेजकर कहा कि शिक्षण संस्थानों की पवित्रता बनाए रखने के लिए समाज को सजग रहना चाहिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर संगठन की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि समिति को भंग कर एक परिवार विशेष ने अपना ट्रस्ट बना लिया और कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच होने तक धरना जारी रहेगा। सचिन कुमार ने कहा कि ब्राह्मण संस्कृत महाविद्यालय समिति के वर्ष 1946 में पंजीकरण के समय ग्रामीण क्षेत्रों से भी आर्थिक सहयोग मिला था। ऐसे में ट्रस्ट के गठन को लेकर ग्रामीणों में रोष है। डॉ. सम्राट सुधा ने धरने को शैक्षिक यज्ञ बताते हुए शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था पर सवाल उठाए। बिट्टू शर्मा और मनोज शर्मा ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। इस दौरान बालेश चंद्र शर्मा, जितेंद्र सैनी, अरविंद शर्मा, दीपम शर्मा, मोनू शर्मा, नितिन, विपिन और डॉ. एसके शर्मा समेत कई लोगों ने धरने को समर्थन दिया।