क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से धान समेत खरीफ की कई फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता परेशान हैं। धान की फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों का कहना है कि यदि फसलों को हुए नुकसान की तुलना में सरकार से पर्याप्त मुआवजा जल्द नहीं मिला तो रबी फसलों की बुआई भी मुश्किल हो जाएगी। वहीं नगर की कई सड़कों पर पानी भर गया। महाराजपुर कला निवासी किसान रघुराज सिंह ने बताया कि खेत में कई दिन से बारिश के कारण पानी भरा हुआ है। धान की फसल पूरी तरह से डूब गई है।
भगवानपुर में ग्राम सिसोना, भगवानपुर, मक्खनपुर, रायपुर, मोहितपुर, सिरचंदी की गलियों में बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। वहीं ग्रामीण किसान सोमचंद्र, राजेश कुमार, जीशान अहमद, राव कलीम, शहीद अहमद ने बताया कि इस समय की बारिश से लौकी, खीरा, भिंडी आदि फसलों को लाभ मिलता है। धान की फसल में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सुल्तानपुर में निचले स्थानों वाले खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर नष्ट होने के कगार पर है। किसान राजेंद्र सैनी, सोमपाल सिंह, यामीन, मनोज कुमार, किशन सिंह, तस्लीम, नूरहसन, दिलशाद ने बताया कि बरसात धान और गन्ने की फसल के लिए उपयोगी है। वहीं गहराई के खेतों में खड़ी धान की फसल अधिक बरसात और हवा के कारण गिर गई है जिससे वह नष्ट होने के कगार पर है।
झबरेड़ा, इकबालपुर और लखनोता क्षेत्र में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश हुई। कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। मुख्य बाजार में बारिश का पानी कुछ दुकानों में घुस गया। इकबालपुर में खाताखेड़ी मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं किसानों के खेतों में धान की कटी फसल बारिश के पानी में जलमग्न हो गई जबकि धान की पछेती प्रजाति की फसल बारिश से कहीं-कहीं गिर गई है। सहायक कृषि विकास अधिकारी राजबीर सिंह ने बताया है कि धान की कटी हुई फसल को बारिश से नुकसान पहुंचा है। किसान धान की कटी फसल वाले खेत में पानी खड़ा न होने दें। ज्यादा समय तक पानी में डूबे रहने से धान के दाने काले पड़ कर खराब हो सकते हैं। संवाद
दो दिन से हो रही झमाझम बारिश से शहर की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कुछ गलियों में स्थिति ये है कि लोगों का पैदल तो दूर वाहनों से भी निकलना दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति रामपुर चुंगी और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिली। वहीं अंबर तालाब में भी बारिश से नाली का पानी गलियों में आ गया। नाली का पानी सड़क पर आने से कूड़ा सड़कों पर फैल गया। सिविल लाइंस स्थित चंद्रशेखर चौक पर भी जलभराव होने से आवाजाही बाधित हुई। इसके अलावा नगर के चंद्रपुरी, श्यामनगर, शिवाजी कॉलोनी, राजेंद्रनगर, आदर्श शिवाजीनगर, मिलापनगर में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
नारसन कस्बे से गुजरने वाले एनएच-58 में कुछ वर्ष पहले चौड़ीकरण का काम किया गया था। उस दौरान हाईवे को तो जैसे-तैसे करके बना दिया गया था लेकिन हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड और नालों को अधूरा छोड़ दिया गया था। वहीं बृहस्पतिवार रात हुई तेज बारिश ने कस्बेवासियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। बारिश होने से सर्विस रोड पर लगभग दो फीट पानी भर गया। कस्बावासी सतेंद्र, मेघराज सिंह, सिराज, राजबीर आदि का कहना है कि कई बार अधूरे सर्विस रोड को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। संवाद
क्षेत्र में शुक्रवार सुबह शुरू हुई मूसलाधार बारिश दोपहर तक जारी रही। तेज बारिश के कारण कस्बे के मोहल्ला टोली, पठानपुरा, मलकपुरा, मलानपुरा, बंदरटोल समेत अन्य मोहल्लों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इन स्थानों पर तेज बारिश से बारिश का पानी लोगों के घरों में जा घुसा। इस कारण नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मूसलाधार बारिश से शहर की अधिकतर सड़कें जलमग्न हो गईं। पिछले साल भी जलभराव की समस्या को लेकर कई मोहल्लों के लोगों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन किया था।