उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उपसमिति के सचिव ने निवर्तमान ग्राम प्रधान पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से लाखों रुपये निकालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खानपुर विकासखंड के मिर्जापुर सादात गांव निवासी पवन सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव में उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उपसमिति पंजीकृत कर समिति बनाई गई थी। इसके अध्यक्ष तत्कालीन ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह थे और उन्हें सचिव बनाया गया था। गोवर्धनपुर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक में समिति का संयुक्त खाता खोला गया था। इसमें सरकार की ओर से विकास कार्य के लिए बजट मिलता था। बैंक की चेकबुक व समिति से संबंधित कागजात प्रधान के पास रहते थे।
प्रधान ने कभी चेकबुक पर उनके हस्ताक्षर नहीं कराए। आरोप लगाया कि प्रधान ने फर्जी हस्ताक्षर कर अलग-अलग चेक से काफी रकम निकाल ली। 31 मार्च 2021 को कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद समिति स्वत: ही निरस्त हो गई थी। प्रधान ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर नौ दिसंबर 2021 को समिति के खाते से एक लाख 28 हजार और चार लाख का चेक गोवर्धनपुर स्थित एक सीमेंट स्टोर स्वामी और दो लाख 18 हजार का चेक धर्मपुर गांव निवासी एक व्यक्ति को दिया है। आरोप है कि प्रधान से विरोध किया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष अरविंद रतूड़ी ने बताया कि निर्वतान ग्राम प्रधान के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।