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Roorkee News: बेटे का शव देखकर खुद को नहीं संभाल पाई मां

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अमित की मौत के बाद मचा कोहराम, पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
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शव के घर पहुंचते ही मृतक के घर उमड़ी पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़
रुड़की निवासी उत्तराखंड नागरिक उड्डयन अभिकरण (यूकाडा) के वित्त नियंत्रक अमित सैनी की केदारनाथ में हेलिपैड पर हेलिकॉप्टर की चपेट में आकर मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शाम को करीब साढ़े सात बजे जैसे ही शव पहुंचा तो घर पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी।

रविवार शाम को अमि का शव जैसे ही घर पहुंचा परिजनों में चीख पुकार मच गई। हादसे के बाद सुधबुध खोए बैठी मां अमित के शव को देखकर आपा खो बैठी और बेटे को एक बार देखने की जिद पर अड़ गई। विलाप करते-करते वो गई बार बेहोश हो गईं। उधर, हादसे के बाद से पत्नी बुरी हालत में है। घर के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार सुबह 11 बजे शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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खुश मिजाज अमित अब कभी नहीं मुस्कुराएगा
पड़ोसियों का कहना था कि अमित सैनी बहुत ही खुश मिजाज और मिलनसार थे। वैसे तो वह पत्नी और बच्चों के साथ लंबे समय से देहरादून में रह रहे थे लेकिन बीच-बीच में माता-पिता और परिवार से मिलने रुड़की आया करते थे। दो महीने पहले ही वह रुड़की आए थे। अपनी आदत के अनुसार पड़ोसियों से वे मुस्करा मिले। वे कुछ ही देर की बातों में हर किसी को अपना बना लेते थे लेकिन अब उनकी मुस्कुराहट कभी देखने को नहीं मिलेगी।

कस्टम अधिकारी रहते हुए पीसीएस में पाई कामयाबी
अमित सैनी के दोस्तों का कहना है कि वह जीवन में बहुत आगे बढ़ना चाहते थे। कोर कॉलेज रुड़की से बीटेक के बाद प्रशासनिक सेवा के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। पढ़ने में होशियार होने के चलते कुछ ही समय की एसएससी की तैयारी के बाद उनका चयन कस्टम विभाग में बतौर इंस्पेक्टर हो गया। उनकी पत्नी नीरू भी कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर पद पर देहरादून में तैनात हैं लेकिन अमित सैनी कुछ और बड़ा करना चाहते थे। तब उन्होंने पीसीएस का एग्जाम दिया और 2017 में इसमें कामयाबी पा ली। वर्ष 2017 बैंच में ट्रेनिंग लेने के बाद पहली पोस्टिंग उनकी चंपावत में रही। यहां दो साल रहकर वे देहरादून आ गए। इसी बीच हाल ही में इन्हें कुछ डिपार्टमेंट का प्रभार सौंप दिया गया था।


परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

परिजनों ने केस्ट्रेल एविएशन कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अमित सैनी पहली बार हेलिकॉप्टर से निरीक्षण के लिए गए थे। केदारनाथ में हेलिकॉप्टर के लैंड करते ही उन्हें तुरंत उतरने दिया गया। साथ ही कंपनी के लोगों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। यहां तक कि अमित को हेलिकॉप्टर के पीछे वाले हिस्से से दूर रहने को लेकर भी कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। अमित सैनी रुड़की में तैनात पुलिस क्षेत्राधिकारी रुड़की पल्लवी त्यागी के बैच के हैं। उनकी मौत की खबर सुनकर पल्लवी त्यागी रुड़की स्थित घर पर पहुंची और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि अमित सैनी पढ़ाई में बहुत होशियार थे और मिलनसार स्वभाव वाले थे।
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भरा-पूरा परिवार पीछे छोड़ गए अमित

अमित अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनके माता-पिता, एक छोटा भाई और एक बहन हैं। पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। बेटा रिदविन (8) साल और बेटी लिमिनिश (5) साल की है।
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