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मेहवड़ सीट पर अल्पसंख्यक वोटर्स निभाएंगे निर्णायक की भूमिका

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जिला पंचायत सीट मेहवड़ खुर्द में वैसे तो कई समस्याएं हैं लेकिन यहां के लोगों की प्रमुख समस्या जलभराव की है। ऐसे में अल्पसंख्यक बाहुल्य सीट पर प्रत्याशी जातिगत समीकरणों को साधकर ही जीत हासिल कर सकेंगे। पिछली योजना में इस सीट पर बसपा प्रत्याशी ने परचम लहराया था।
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जिला पंचायत सीट मेहवड़ खुर्द-26 में आठ गांव शामिल हैं। इस सीट की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो यहां पर सभी गांवों को मिलाकर करीब 20150 वोटर हैं। इसमें करीब 8800 वोट अल्पसंख्यक के हैं। सात हजार वोट अनुसूचित जाति के शामिल हैं। शेष अन्य हैं। इस जिला पंचायत सीट को भुनाने के लिए भाजपा ने इस सीट पर ब्रजेश सैनी को उतारा है। बसपा ने यहां योगेश कुमार को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने इस सीट पर मुस्तकीम को प्रत्याशी बनाया है। एक तरफ जहां भाजपा ने ओबीसी प्रत्याशी पर दांव खेला है तो वहीं बसपा ने एससी प्रत्याशी मैदान में उतारा है।
पिछली बार इस सीट पर बालेश देवी ने 5095 वोट प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुचित्रा कपिल को 938 वोटों से हराया था। मेहवड़ खुर्द सीट पर यदि ग्रामीणों की बात करें तो उनकी प्रमुख समस्या जलभराव की है। मेहवड़ कला गांव में बना तालाब ही गंदगी का अड्डा बना हुआ है। बाजूहेड़ी से निकलने वाली नालियों का पानी भी सड़क से होते हुए लोगों के खेतों में भर रहा है। ब्रह्मपुरी शंकरपुरी गांव में नालियां अटी पड़ी हैं। ऐसे में अल्पसंख्यक बाहुल्य सीट पर दोनों ही प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती होगी।
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