रुड़की। कई बार डाक्टर खून की जांच न होने और एक्स-रे के अभाव में मरीज को रेफर कर देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि हायर सेंटर पहुंचते-पहुंचते मरीज रास्ते में दम तोड़ देता है। इस परेशानी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य के छह अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना शुरू की है। इन छह अस्पतालों में रुड़की सिविल अस्पताल को भी शामिल किया गया है। योजना के तहत इस अस्पताल में अब 24 घंटे खून की जांच और एक्स-रे हो सकेंगे। योजना जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। प्रदेश के छह अस्पतालों में तीन जिला हरिद्वार के ही हैं। इनमें जिला अस्पताल हरिद्वार, महिला अस्पताल हरिद्वार और सिविल अस्पताल रुड़की के नाम शामिल हैं। प्रदेश सरकार की इस सुविधा से जिले की जनता को बेहद राहत मिलने वाली है।
योजना के शुरू होने में व्यवहारिक अड़चनें
मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और घायलों को निश्चित रूप से लाभ पहुंचाने वाली है। लेकिन सिविल अस्पताल रुड़की में इसके शुरू होने में कई व्यवहारिक दिक्कतें है। इस अस्पताल में पैथोलॉजी लैब और एक्स-रे रूम तो है लेकिन दिक्कत स्टाफ की है। स्टाफ और चिकित्सक की कमी के कारण अस्पताल में रखी रंगीन एक्स-रे मशीन और सीटी स्कैन लंबे समय से धूल फांक रही है। इस समय में लैब में पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। एक ही पैथोलोजिस्ट ब्लड बैंक और लैब देख रहा है। ऐसे में यह योजना तभी सफल हो सकती है जब पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध रहेगा।
एक अप्रैल से शुरू हो सकती है योजना
नि:शुल्क जांच योजना जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि अभी इसके लिए शासनादेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन सूत्रों की माने तो एक अप्रैल से यह योजना शुरू हो सकती है। शासन स्तर पर इस पर काम चल रहा है। चिह्नित अस्पतालों से स्टाफ की डिमांड मांगी गई है।
इनका कहना है
मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना के तहत सिविल अस्पताल रुड़की को भी चुना गया है। यह योजना कब से शुरू हो रही है। इसको लेकर अभी शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। योजना के तहत अस्पताल में लैब और एक्स-रे 24 घंटे खुले रहेंगे।
डा. संजय कंसल, प्रभारी सीएमएस, सिविल अस्पताल रुड़की।