रुड़की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के तहत विजयदशमी पर बस्ती स्तर पर पथ संचलन आयोजित किए जाएंगे। शिवाजी शाखा में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ. नितिन ने कहा कि शताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य अधिक से अधिक स्थानों पर शाखाएं लगाना है। शाखा व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला और संगठन का पावर हाउस है। उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना की थी। संघ का उद्देश्य भारत माता को परम वैभव तक पहुंचाना है। इसके लिए स्वयंसेवक राष्ट्र, समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करते हैं। डॉ. नितिन ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सेवा और राजनीतिक क्षेत्रों में स्वयंसेवक राष्ट्र को सर्वोपरि रखकर योगदान दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विजयदशमी पर होने वाले पथ संचलन में सभी स्वयंसेवकों से शामिल होने का आह्वान किया। शाखा में योग, आसन, सूर्य नमस्कार, दंड और समता के कार्यक्रम हुए। इसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया।