रुड़की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार को फसल के नुकसान का मुुुआवजा न देने पर 17 जून को हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक भवन रुड़की के सभागार में पत्रकार वार्ता कर हरिद्वार में होने वाले तीन दिवसीय किसान महाकुंभ के कार्यक्रमों की जानकारी दी। मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने बताया कि इस साल भी 16 से 18 जून तक हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला मैदान में किसान महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। महाकुंभ में विभिन्न राज्यों के किसान शिरकत करेंगे। इस दौरान प्रदेश और केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति की जानकारी दी जाएगी और रणनीति बनाकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले साल लागत मूल्य का डेढ़ गुना पैसा दिए जाने का वादा किया था, जो आज तक नहीं मिल सका। चौधरी ने कहा कि किसानों को लागत मूल्य का दो गुना पैसा मिलना चाहिए। प्रदेश प्रवक्ता विजय शास्त्री ने कहा कि नारसन ब्लॉक में पिछले दिनों भयंकर ओलावृष्टि होने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। प्रशासन से फसल के मुुआवजे की मांग की गई, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने चेेतावनी दी कि यदि जल्दी मुआवजा नहीं दिया गया तो महाकुंभ के दौरान 17 जून को हरिद्वार दिल्ली हाईवे को जाम किया जा सकता है। जिलाध्यक्ष रवि कुमार ने कहा कि जो परिवार केवल खेती पर आश्रित हैं और उनके परिवार में आय का कोई दूसरा जरिया नहीं है, ऐसे परिवारों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी मिलनी चाहिए। जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक किसानों को 100 से 125 करोड़ रुपया गन्ना भुगतान नहीं किया गया। इतने पैसे पर एक से सवा करोड़ रुपया महीने का ब्याज मिलता है। इसे नेता और अधिकारी मिलकर खा रहे हैं और इस लूट के चक्कर में किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा। युवा जिलाध्यक्ष अनुज कुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए।