लक्सर शुगर मिल में महान शहीदी दिवस के समापन पर आयोजित लंगर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।
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शुगर मिल के गुरुद्वारे में चल रहा तीन दिवसीय शहीदी दिहाड़े का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान कीर्तन और अखंड पाठ के बाद लंगर वितरित किया गया।
लक्सर के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा परिसर में शुक्रवार से साहिबजादा अजीत सिंह सेवा सोसायटी की तरफ से महान शहीदी दिहाड़े का आयोजन चल रहा था। रविवार को तीसरे दिन इसका समापन हो गया। समापन से पूर्व लुधियाना से आए रागी बलप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, पोंटा साहिब से आए भाई बलविंद्र सिंह, जगाधरी से पहुंचे। रागी गुरविंद्र सिंह व गुरुद्वारे के ज्ञानी महेंद्र सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन व अखंड पाठ से संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि सिखों का इतिहास बलिदान, त्याग और करुणा से भरा रहा है। सिख हमेशा से मानवता के हित की लड़ाई लड़कर शहादत देते आए हैं। इसी लड़ाई में गुरु गोविंद सिंह की माता गुजरी कौर व उनके साहिबजादे अजीत सिंह, जोरावर सिंह, जुझार सिंह व फतेह सिंह शहीद हुए। इस दौरान पंकज मक्कड़, भूषण लाल कामरा, राजू अरोड़ा, गुरनाम सिंह चीमा, गुरनाम खालसा, जगदेव सिंह उर्फ जग्गी, सरदार पाल सिंह रंधावा, हरभजन सिंह, परमिंदर सिंह, जगजीत सिंह, जसवीर सिंह, अमरजीत सिंह, हरजीत सिंह आदि मौजूद थे।